महिला प्रीमियर लीग के दूसरे सीजन के समापन के बाद यूपी वारियर्स की उप-कप्तान Deepti Sharma को टूर्नामेंट का सबसे मूल्यावान खिलाड़ी चुना गया। Deepti Sharma ने विमेंस प्रिमियर लीग 2024 में शानदार प्रदर्शन कर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया। Deepti Sharma डब्ल्यूपीएल में हैट्रिक लेने वाली पहली महिला भारतीय गेंदबाज बन गई है। Deepti Sharma ने यह उपलब्धि दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 8 मार्च को हासिल की थी। जब उन्होंने अपने घातक प्रदर्शन से यूपी वॉरियर्स को एक रन से मुकाबला जिताने में अहम मदद की थी।

Deepti Sharma गेंद और बल्ले दोनों से धमाल मचाने में माहिर है। यूपी वॉरियर्स की तरफ से खेलते हुए Deepti Sharma ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 48 गेंदों का सामना करते हुए 59 रनों की पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 19 रन देकर 4 बड़े विकेट झटके थे।

Deepti ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि मैनें इस टूर्नामेंट के दौरान वहीं खेला जो मुझे लगता है कि मेरा खेल है। मैनें विश्वास बनाए रखा और गेंद के अनुसार अलग-अलग शॉट खेले। टूर्नामेंट से पहले, मैनें अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए ऑफ साइड पर बहुत अभ्यास किया। यह कुछ ऐसा था जिसे मैनें विकसित किया और मैं इससे खुश हूं। पिछले सीजन में मुझे बल्लेबाजी करने के ज्यादा मौके हीं मिले। इस सीजन में मैनें बेहतर बल्लेबाजी की और महत्वपूर्ण परिस्थितियों में बी टीम के लिए योगदान देकर खुश हूं। उम्मीद है कि मैं इसी तरह से प्रदर्शन करना जारी रखूंगी।

Deepti ने आठ मैचों में 98.33 की औसत और 136 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 295 रन बनाए। उन्होंने 88 के सर्वश्रेष्ठ स्कोर के साथ तीन अर्ध्दशतक बनाए। उन्होंने 10 विकेट भी लिए। बता दे कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने रविवार रात दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हराकर खिताब जीत लिया।

आगरा के एक मामूली परिवार से हैं दीप्ति शर्मा

बता दें कि Deepti Sharma आगरा के एक मामूली परिवार से हैं, जहां लड़कियों पर पांबदी लगाई जाती हैं, लेकिन फिर भी दीप्ति शर्मा ने अपने परिवार के आगे क्रिकेट खेलने की जिद्द रखी और उनकी एक जिद्द ने उनकी किस्मत ही पलट दी। दीप्ति को उनकी मेहनत के अलावा उनके भाई का खास सपोर्ट मिला। 9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलने से लेकर आज महिला प्रीमियर लीग में अपनी चमक बिखेरने तक दीप्ति का सफर आसान नहीं रहा। Deepti Sharma के पिता रेलवे में काम करते हैं। उन्हें बाद में माता-पिता दोनों का साथ मिला।

दीप्ति के भाई सुमित तेज गेंदबाज रहे और अंडर 19 और अंडर 23 में यूपी की तरफ से खेल चुके हैं। सुमित को देखकर ही दीप्ति ने बचपन में घरवालों से भाई की एकादमी देखने की जिद्द की और फिर वहां भाई को देखकर उन्हें इस खेल में रुचि बनीं। इसके बाद सुमित ने भी कम उम्र में दीप्ति के टेलैंट को पहचान लिया था और उन्हें ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने अपना करियर दांव पर लगाया।

बता दें कि करियर की शुरुआत में दीप्ति मध्यम गति की गेंदबाज थीं, लेकिन ऑफ स्पिन गेंदबाजी की तरफ शिफ्ट करना उनके लिए टर्निंग प्वाइंट रहा। वह गेंदबाज से स्पिन गेंदबाज बनीं और यूपी टीम के लिए उन्होंने अपना घातक प्रदर्शन दिखाकर हर किसी का दिल जीत लिया।