किसी आम भारतीय महिला को खेल को अपना करियर बनाने से लेकर चैंपियन बनने तक के सफर में कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इस सवाल का सबसे सटीक जवाब है फिल्म ‘दंगल’।
गीता फोगाट की जिंदगी पर बनी यह फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर छा गई बल्कि, इस फिल्म ने गीता और उनकी जैसी खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम करने को मजबूर कर दिया।
गीता का जन्म हरियाणा के छोटे से गांव बलाली में हुआ था। गीता ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में कॉमनवेल्थ पहलवानी चैंपियनशिप से की। गीता 2012 में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली महिला पहलवान थीं। फोगाट भारत की पहली महिला पहलवान हैं जिसने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
इतिहास के पन्नों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली गीत फोगाट भारत में खेल को अपना करयिर बनाने वाली लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
| जन्म | 15 दिसंबर 1988, बलाली गांव, हरियाणा, भारत |
| शिक्षा | महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक, हरियाणा |
| माता/पिता | शोभा कौर (गृहणी), महावीर सिंह फोगाट (पहलवान, कोच) |
| पति | पवन |
| बहन | बबीता कुमारी, संगीता फोगाट, ऋतु फोगाट |
| उपलब्धि | कॉमनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप 2009- स्वर्ण पदक, दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010- स्वर्ण पदक, अर्जुन पुरस्कार |

