Shiv Nandi

कैसे बने नंदी भगवान Shiv की सवारी, जानिए इसके पीछे की कहानी

हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं के अपने-अपने वाहन होते हैं। जैसे भगवान विष्णु का वाहन गरूड़ है, मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू होता है। भगवान गणेश का वाहन मूषक होता है। उसी तरह भगवान Shiv के वाहन नंदी है। अक्सर आपने देखा होगा कि भगवान Shiv के मंदिर में नंदी विराजमान होते हैं। क्योंकि नंदी […]

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Dwarka

आखिर क्यों डूबी Shree Krishna की द्वारका नगरी, क्या है इसके पीछे की पौराणिक कथाएं, पढ़िए

Shree Krishna का जन्म मथुरा में हुआ और उनका बचपन गोकुल में बीता था। अपने मामा कंस को मारकर श्रीकृष्ण मथुरा और वृंदावन को छोड़कर चले गए थे। जिसके बाद उन्होंने गुजरात में समुद्र तट पर एक नगरी स्थापित की। जिसे द्वारका नगरी के नाम से जाना जाता था। मथुरा को छोड़कर क्यों गए श्री […]

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कुंभ मेला: जानिए कितने प्रकार के होते हैं कुंभ, क्या है महत्व

Kumbh Mela: जानिए कितने प्रकार के होते हैं कुंभ, क्या है महत्व

Kumbh Mela चार प्रकार के होते हैं: कुंभ, अर्ध कुंभ, पूर्ण कुंभ, और महाकुंभ। ये सभी कुंभ मेला ग्रहों की स्थिति के अनुसार आयोजित किए जाते हैं और प्रत्येक का विशेष महत्व होता है। पौराणिक कथा: कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान अमृत पान के लिए देवताओं और दानवों के बीच 12 दिनों […]

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श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी

मोक्षदा एकादशी 2024: श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा से मिलती है मोक्ष की प्राप्ति

मोक्षदा एकादशी, जिसे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित किया गया है, हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्व रखती है। इस साल यह पावन तिथि 11 दिसंबर, बुधवार को पड़ेगी। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा से मनुष्य को मोक्ष प्राप्त होता है, पापों से मुक्ति मिलती है, […]

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रावण और मंदोदरी

Ramayana: रावण की मृत्यु के बाद मंदोदरी ने क्यों किया विभीषण से विवाह? जानिए क्या थी वजह…

Ramayana में रावण की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी और पटरानी मंदोदरी द्वारा विभीषण से विवाह का निर्णय एक बड़ी घटना मानी जाती है। यह विवाह न केवल व्यक्तिगत बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भों में भी अहम था। आइए जानते हैं इस घटना के प्रमुख पहलुओं को। रावण और मंदोदरी की कहानी: मंदोदरी का नैतिक […]

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Lord Vishnu

जब भगवान Vishnu 4 महीने के लिए सो जाते हैं तो ब्रह्मांड का संचालन कौन करते हैं?

आषाढ़ी एकादशी, जिसे देवशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान Vishnu 4 महीने की लंबी नींद में चले जाते हैं। भगवान विष्णु लगभग 8 महीने तक ब्रह्मांड के सुचारू संचालन का ध्यान रखते हैं, बाकी बचे 4 महीनों तक धरती का संचालन कौन करता है? आइए जानते हैं कि भगवान […]

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आखिरी अमावस्या

Amavasya 2024: इस साल की आखिरी अमावस्या कब है? जानें दिसंबर में आने वाली अमावस्या की तिथि और स्नान-दान मुहूर्त

Amavasya 2024 इस साल पौष माह की अमावस्या सोमवार, 30 दिसंबर 2024 को पड़ रही है। इस दिन सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है क्योंकि यह सोमवार को है। हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की पूजा और पितरों का तर्पण करना अत्यधिक पुण्यकारी होता है। पौष अमावस्या 2024 की तिथि: पंचांग […]

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jaimala

शादी में दूल्हा-दुल्हन क्यों पहनाते हैं जयमाला? जानें इसकी शुरुआत और महत्व

सनातन संस्कृति में विवाह को अत्यंत पवित्र बंधन माना गया है, जिसमें विभिन्न रस्मों का विशेष महत्व होता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण रस्म है जयमाला। विवाह के दौरान वर-वधु एक-दूसरे को फूलों की माला पहनाते हैं, जिसे शादी का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। आइए जानते हैं जयमाला पहनाने की परंपरा की शुरुआत […]

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Rahu Shukra Yuti 2025

Rahu Shukra Yuti 2025: राहु-शुक्र की महायुति से इन 3 राशियों को होगा लाभ, खुशियों से भरेगा जीवन

Rahu Shukra Yuti 2025 के पहले महीने में राहु और शुक्र ग्रह मीन राशि में युति करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस युति का गहरा प्रभाव तीन राशियों पर पड़ेगा। यह महायुति 28 जनवरी 2025 को सुबह के समय होगी और इससे संबंधित राशियों को करियर, धन, और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल […]

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vivah sindoor

Vivaah: कुंवारी कन्या क्यों नहीं देखती सिंदूरदान की रस्म? जानें इसके पीछे का महत्व

हिंदू धर्म में Vivaah का विशेष महत्व है, जिसमें कई रस्मों का पालन किया जाता है। इन रस्मों में सिंदूरदान भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह पति-पत्नी के एक होने का प्रतीक है। सिंदूर को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जिससे दूल्हा और दुल्हन के जीवन में खुशहाली बनी रहती है। ज्योतिषी और वास्तु […]

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