➤भारत-ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर हुए।
➤अब भारतीयों को ब्रिटेन में काम, कारोबार और व्यापार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
➤घरेलू बाजार में सस्ते विदेशी उत्पाद और भारत का निर्यात दोगुना होने की उम्मीद।
लंदन/नई दिल्ली – भारत और ब्रिटेन ने एक ऐतिहासिक आर्थिक साझेदारी की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 24 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में ‘भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता न केवल दोनों देशों के लिए व्यापार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि आम नागरिकों की ज़िंदगी को भी सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस समझौते के तहत ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को अब तीन साल तक सोशल सिक्योरिटी टैक्स नहीं देना होगा। इसका मतलब है कि अब वहां काम करने वाले भारतीय वर्कर्स की नेट इनकम बढ़ेगी।
साथ ही योग शिक्षकों, कलाकारों, स्टार्टअप फाउंडर्स और आईटी प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में वीजा और बाजार में एंट्री पहले से आसान होगी। इससे युवा पेशेवरों को नया मौका मिलेगा।
भारत में क्या बदलेगा?
अब ब्रिटेन से आने वाले लग्जरी प्रोडक्ट्स जैसे स्कॉच व्हिस्की, कारें, मेकअप आइटम्स पर टैक्स घटकर 3% रह जाएगा। इससे ये चीज़ें पहले से सस्ती हो जाएंगी। दूसरी तरफ भारत अपने टेक्सटाइल, जड़ी-बूटी उत्पाद, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात ब्रिटेन में आसानी से कर सकेगा।
कृषि और छोटे कारोबारियों को भी राहत
भारतीय कृषि उत्पादों और हस्तशिल्प को ब्रिटेन के बाजार में टैक्स फ्री पहुंच मिलेगी। इससे भारत के गांव और छोटे शहरों के किसानों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों को सीधा फायदा होगा।
नौकरियां और निवेश बढ़ेगा
समझौते के मुताबिक, दोनों देशों के बीच व्यापार ₹34 अरब (लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ेगा। इससे न केवल बड़ी कंपनियों को बल्कि छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी फायदा मिलेगा। वहीं, ब्रिटेन में 2200 नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
आम आदमी के लिए और क्या बदलने वाला है?
- ऑनलाइन शॉपिंग पर फायदा: भारत में विदेशी ब्रांड सस्ते होंगे, जिससे कंज्यूमर्स को बेहतर डील मिलेगी।
- युवाओं के लिए नई संभावनाएं: छात्र और युवा प्रोफेशनल अब U.K. में आसानी से स्टडी वर्क ऑप्शन को एक्सप्लोर कर पाएंगे।
- भारतीय कंपनियों को बड़ा एक्सपोजर: MSMEs और डिजिटल कंपनियों को ब्रिटेन में प्रोडक्ट और सर्विस बेचने का बड़ा मौका मिलेगा।

