Panipat के गांव बिंझौल में मानसिक रूप से बीमार महिला ने बुधवार को घर पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना तब हुई जब महिला का पति काम पर गया हुआ था और उसके दोनों बच्चे ट्यूशन पढ़ने गए थे। महिला की पहचान उषा (26) के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ सालों से मानसिक समस्याओं से जूझ रही थी।
पति अखिलेश ने बताया कि उसकी पत्नी लगभग 5 साल पहले सीढ़ियों से गिर गई थी, जिससे उसके दिमाग पर चोट आई थी। इसके बाद वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गई थी और उसका इलाज चल रहा था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। दुख की बात यह है कि पिछले कुछ समय से उसने आत्महत्या के प्रयास किए थे, जिन्हें समय रहते परिजनों ने रोक लिया था। लेकिन बुधवार को जब वह अकेली थी, तो उसने यह कदम उठा लिया।

पड़ोसियों ने दी सूचना
सूचना मिलने पर अखिलेश तुरंत घर पहुंचे और महिला को फांसी से नीचे उतारा। उसे आनन-फानन में सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस को भी सूचित किया गया, और शव का पोस्टमॉर्टम करवा कर परिजनों के हवाले कर दिया गया।

परिजनों ने बताया कि महिला का शव झांसी स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा, जहां उसका दाह संस्कार किया जाएगा। यह दुखद घटना एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है कि मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज में कमी कैसे हो सकती है, और समाज को उनकी मदद के लिए और कितनी कोशिशें करनी चाहिए।







