➤ भाजपा ने राजस्थान प्रवक्ता कृष्ण कुमार जानू को छह साल के लिए निष्कासित किया
➤ सत्यपाल मलिक और जगदीप धनखड़ के सम्मान पर उठाए सवाल से मचा सियासी बवाल
➤ पार्टी अनुशासन भंग और संगठन की छवि को नुकसान का आरोप
भाजपा ने अपने राजस्थान प्रवक्ता कृष्ण कुमार जानू को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा पूर्व राज्यपाल स्व. सत्यपाल मलिक और पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के सम्मान को लेकर की गई कथित आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद की गई है। पार्टी ने इस बयान को अनुशासनहीनता और संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला करार दिया।
मामला तब तूल पकड़ गया जब एक वायरल वीडियो में जानू ने आरोप लगाया कि सत्यपाल मलिक, जो राज्यपाल और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे ऊंचे पदों पर रहे, उन्हें राजकीय सम्मान नहीं मिला, और जगदीप धनखड़ को उप राष्ट्रपति पद से अनौपचारिक विदाई दी गई। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी बड़े और लोकप्रिय नेताओं को साइडलाइन कर रही है—जिसमें एल.के. अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और वसुंधरा राजे का भी नाम लिया।
इस बयान के बाद जून 2025 में उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था। पार्टी अनुशासन समिति ने उनके जवाब को असंतोषजनक मानते हुए अगस्त 2025 में यह बड़ा कदम उठाया। इस निर्णय की पुष्टि भाजपा राजस्थान अनुशासन समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह लाखावत ने की।
भाजपा का कहना है कि पार्टी अनुशासन को सर्वोच्च मानती है और कोई भी बयान जो पार्टी नेतृत्व की छवि को नुकसान पहुँचाता है, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, जानू ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने केवल सच्चाई कही और बड़े नेताओं के सम्मान की बात रखी। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और विपक्ष को एक नया मुद्दा मिल गया है।

