Haryana में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा(BJP) ने 6 जिलाध्यक्षों को हटाकर नई नियुक्तियां(changed 6 district presidents) की हैं। इन जिलाध्यक्षों के खिलाफ पार्टी के सांसदों और उम्मीदवारों ने शिकायत की थी। उन्होंने चुनाव के बाद इनकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सैनी(Report Chief Minister Naib Saini) और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर(former Chief Minister Manohar Lal Khattar) को दी थी।
इन जिलाध्यक्षों पर कई आरोप लगे थे जैसे कि पार्टी के अंदर भितरघात करना, पार्टी फंड का गलत इस्तेमाल करना और काम न करना। कुछ जिलाध्यक्षों को इसलिए भी हटाया गया क्योंकि वे खुद चुनाव लड़ना चाहते थे और जिले की बजाय अपने चुनाव पर ध्यान देना चाहते थे। इस वजह से भाजपा ने यह बदलाव किया है। भाजपा ने हिसार, जींद, सिरसा, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र और कैथल जिलों के अध्यक्ष बदले हैं। पार्टी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी तरह का नुकसान न हो, इसलिए हटाए गए सभी जिलाध्यक्षों को प्रदेश कार्यकारिणी में एडजस्ट किया गया है। लेकिन इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर जरूर पड़ेगा।

यह बदलाव पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। भाजपा चाहती है कि आगामी चुनावों में उनकी जीत सुनिश्चित हो सके और इसीलिए उन्होंने ये कदम उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि यह फैसला बहुत सोच-समझकर लिया गया है। वे चाहते हैं कि सभी जिलाध्यक्ष पार्टी के हित में काम करें और चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करें। इस बदलाव का मकसद पार्टी के संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए तैयार करना है। नए जिलाध्यक्षों से उम्मीद की जा रही है कि वे पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएंगे और पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाएंगे।
