- महिला टीचर ने नाबालिग छात्र के साथ किया यौन शोषण
- POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज, VIDEO सबूत भी मौजूद
- कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
रेवाड़ी (हरियाणा) में एक नामी स्कूल की महिला टीचर पर 12वीं क्लास के एक नाबालिग छात्र के साथ यौन शोषण का आरोप लगा है। छात्र के पिता ने 3 मार्च 2025 को पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद 13 मार्च को POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई। VIDEO सबूत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है, जिसमें टीचर और छात्र आपत्तिजनक हालत में दिखाई दे रहे हैं।
आरोप है कि टीचर ने छात्र को क्लास वर्क के बहाने अपने घर, होटल और सोसाइटी में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए। होटल में एंट्री के दौरान उसने छात्र को रिश्तेदार बताया और कैश में भुगतान किया। पुलिस ने होटल और स्कूल रिकॉर्ड की जांच में इन दावों की पुष्टि की है।
कोर्ट ने आरोपी टीचर की अग्रिम जमानत याचिका को सबूतों और मामले की गंभीरता के आधार पर खारिज कर दिया है। फिलहाल, पुलिस कस्टोडियल पूछताछ की तैयारी कर रही है।
स्टूडेंट के पिता ने पुलिस काे दिए VIDEO
स्टूडेंट के पिता ने 3 मार्च 2025 को पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसे पुलिस ने 13 मार्च 2025 को दर्ज कर लिया। नाबालिग स्टूडेंट के पिता ने पुलिस को कुछ ऐसे VIDEO भी पुलिस को उपलब्ध करवाए हैं, जिसमें टीचर और स्टूडेंट आपत्तिजनक स्थित में हैं। जिसका FIR में भी उनके द्वारा जिक्र किया गया है।
होटल में रिश्तेदार बताकर एंट्री
मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी की रहने वाली महिला टीचर ने जिन होटलों में नाबालिग स्टूडेंट के साथ रूम बुक किए, वहां उसे रिश्तेदार बताया है। टीचर ने सभी जगह रूम की पेमेंट कैश में की है। पुलिस ने संबंधित होटलों में रिकॉर्ड खंगाला तो वहां पर दोनों की मौजूदगी मिली है। वहीं स्कूल रिकॉर्ड से भी पता लगा है कि उक्त टीचर स्टूडेंट की क्लास टीचर थी।
अग्रिम जमानत याचिका हुई खारिज
महिला टीचर ने गिरफ्तार से बचने के लिए फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सबूतों और मामले की गंभीरता के आधार पर फैसला सुनाया है। वहीं पुलिस को कस्टोडियल पूछताछ के लिए भी परमिशन मिल गई है। हालांकि अभी तक पुलिस ने महिला टीचर को कस्टडी में नहीं लिया है।
अभी नहीं ज्वाइन किया इन्वेस्टिगेशन : SP
रेवाड़ी SP हेमेंद्र मीणा ने बताया कि आरोपी महिला टीचर ने जमानत याचिका लगाई थी, जिसे हमने सबूत देकर खारिज करवा दिया है। आरोपी ने अभी इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन नहीं किया है। अभी जांच चल रही है, मामले में आगे जिस प्रकार से सबूत मिलेंगे, कार्रवाई की जाएगी।

