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गाजियाबाद में बदमाशों ने पुलिस टीम पर की अंधाधुंध फायरिंग, सिपाही की हत्या कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा ले गए

हरियाणा की बड़ी खबर

  • गाजियाबाद के नाहल गांव में हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने के लिए बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही की हत्या कर दी।
  • नोएडा पुलिस की टीम जब आरोपी को लेकर लौट रही थी, तभी खेतों में घात लगाए हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।
  • सिर में गोली लगने से 30 वर्षीय सिपाही सौरभ कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, हिस्ट्रीशीटर कादिर को सुबह दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।

Ghaziabad police firing: गाजियाबाद के नाहल गांव में रविवार देर रात बदमाशों ने पुलिस टीम पर घात लगकार हमला किया और अंधाधुंध फायरिंग करते हिस्‍ट्रीशीटर कादिर को छुड़ाकर ले गए। इस घटना में एक पुलिस कर्मी की मौत हो गई है। बाकी इस हमले में जान बचाकर भागने में सफल रहे। हमला उस वक्‍त हुआ जब नोएडा पुलिस की एक टीम, जो फेज-3 थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर कादिर उर्फ मंटा को उसके घर से पकड़ कर ला रही थी, उस पर कादिर के साथियों ने घात लगाकर हमला कर दिया

जब पुलिस की गाड़ी गांव से बाहर निकल रही थी। रास्ते में खेतों में छिपे बदमाशों ने पहले पथराव किया, फिर चारों तरफ से गोलियां बरसा दीं। जवाबी फायरिंग में पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। इसी दौरान सिपाही सौरभ कुमार के सिर में गोली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह 30 वर्ष के थे और शामली के रहने वाले थे।

घटना रात करीब साढ़े 12 बजे की है। नोएडा पुलिस के सब-इंस्पेक्टर सचिन कुमार के नेतृत्व में 6 पुलिसकर्मियों की टीम हिस्ट्रीशीटर कादिर को पकड़ने पहुंची थी। कादिर को उसके घर से हिरासत में ले लिया गया था और पुलिस उसे गाड़ी में बैठाकर ले जा रही थी। तभी गांव से लगभग 300 मीटर की दूरी पर बारिश और अंधेरे के बीच कादिर के साथी हमला करने को तैयार बैठे थे

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हमले के दौरान कादिर पुलिस हिरासत से भाग निकला और अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। पुलिस की ओर से भी जवाबी कार्रवाई हुई, लेकिन सिपाही सौरभ को बचाया नहीं जा सका।

हमले के बाद तुरंत बैकअप टीम और मसूरी थाना पुलिस को बुलाया गया। घायल सिपाही को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने सुबह होते-होते हिस्ट्रीशीटर कादिर को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। उस पर हत्या, लूट, चोरी समेत 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

घटना के बाद नाहल गांव में PAC की तैनाती कर दी गई है। गांव की घेराबंदी कर एक-एक घर की तलाशी ली जा रही है। जानकारी सामने आई है कि नोएडा पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस को दबिश की सूचना नहीं दी थी, जिसकी वजह से हमलावरों को अंधेरे और क्षेत्रीय जानकारी का लाभ मिला।