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अरावली की सुंदरता को निखारेगी जंगल सफारी, पहले चरण में 2500 एकड़ का होगा विकास

हरियाणा की बड़ी खबर

➤ हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों में 10 हजार एकड़ में बनेगी जंगल सफारी

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और भूपेंद्र यादव ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया, केंद्र सरकार करेगी पूरी मदद

➤ यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों की जागरूकता और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी

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हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों में 10 हजार एकड़ में प्रस्तावित जंगल सफारी आने वाले समय में पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनेगी। शनिवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुग्राम के सकतपुर गांव के पास इस परियोजना के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान हरियाणा के वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यह परियोजना अरावली पर्वत श्रृंखला की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस जंगल सफारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 2500 एकड़ में काम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, पर्यावरण संरक्षण होगा, वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास यह एक बड़ा पर्यटन केंद्र बनेगा। उन्होंने वन विभाग हरियाणा के अधिकारियों के साथ पहले चरण की योजना पर विस्तार से चर्चा की। इस योजना के तहत क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधों की स्थानीय प्रजातियों और वन्यजीवों के अनुकूल पारिस्थितिक तंत्र विकसित किया जाएगा।

हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि इस परियोजना को हरियाणा और केंद्र सरकार मिलकर विकसित करेंगे। प्रवेश के लिए चार स्थानों पर गेट लगाए जाएंगे, जिनमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, सोहना-तावडू मार्ग, नौरंगपुर और सकतपुर गांव शामिल हैं। अधिकारियों ने इस परियोजना के लिए शारजाह सफारी, जामनगर के वंतारा और गिर अभयारण्य जैसे स्थलों का भी अध्ययन किया है। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।