➤ यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा जासूसी आरोप में हिसार कोर्ट पेश
➤ पुलिस ने 95 दिन बाद कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से कराई पेशी
➤ चार्जशीट में पाकिस्तान एजेंटों से लगातार संपर्क के सबूत
हरियाणा की चर्चित जासूसी केस में फंसी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सोमवार (25 अगस्त) को हिसार कोर्ट में पेश किया गया। वे 95 दिन बाद जेल से बाहर आकर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुईं। यह उनकी 10वीं पेशी थी। इससे पहले ज्योति 22 मई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुई थी। पुलिस ने लंबी जांच के बाद 14 अगस्त को करीब 2500 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इस चार्जशीट में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि ज्योति सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों और एजेंटों से संपर्क में थी और उन्हें भारत की संवेदनशील जगहों के वीडियो और अहम जानकारी भेजती रही।
ज्योति को 15 मई को हिसार पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही वे जेल में बंद थीं और अब तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही पेश होती रही थीं। लेकिन इस बार कोर्ट में उनकी व्यक्तिगत पेशी हुई। इस मामले की सुनवाई को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि ज्योति पूछताछ के दौरान बेहद चालाकी से जवाब देती थी और सीधे सवालों का जवाब देने से बचती थी। गिरफ्तारी से पहले ही उसे भनक लग गई थी, जिसके बाद उसने कई अहम डेटा डिलीट कर दिया। हालांकि एजेंसियों ने उसका कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया है, लेकिन बाकी डेटा अब भी रिकवरी के इंतजार में है।
जांच में सामने आया कि ज्योति ने सिर्फ कश्मीर डैम ही नहीं, बल्कि राजस्थान बॉर्डर क्षेत्र में मौजूद आर्मी कैंप के वीडियो भी पाकिस्तानी एजेंटों को भेजे। यही नहीं, वह कई बार पाकिस्तान की यात्रा पर भी गई और वहां की ट्रैवल एडवाइजरी का उल्लंघन करते हुए एजेंटों से मुलाकात की। चार्जशीट में यह भी लिखा गया है कि ज्योति लगातार चार पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में थी। इनमें पाकिस्तान उच्चायोग का अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली और ISI के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि ज्योति की गिरफ्तारी से पहले उसे पाकिस्तान एजेंटों ने ही आगाह किया था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता से वह भाग नहीं सकी और दबोच ली गई। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था।
इस बीच, ज्योति के वकील कुमार मुकेश का कहना है कि चार्जशीट मिलने के बाद वे जल्द ही जमानत याचिका दायर करेंगे। उनका कहना है कि पुलिस के आरोप राजनीतिक दबाव में बनाए गए हैं और अदालत में उनका सच सामने आएगा।
ज्योति मल्होत्रा केस ने हरियाणा समेत पूरे देश में हलचल मचा दी है। एक ओर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इसे देशद्रोह से जुड़ा बड़ा मामला बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष का दावा है कि ज्योति को फंसाया जा रहा है। अब कोर्ट में आने वाली सुनवाई इस बात का फैसला करेगी कि आखिर ज्योति की जासूसी से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।

