➤परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी, धरना स्थगित
➤कमेटी और परिवार ने माना कि मनीषा ने आत्महत्या की
➤निष्पक्ष जांच और समाज का सहयोग आवश्यक, प्रशासन का भरोसा बनाए रखने की अपील
हरियाणा के भिवानी जिले में लेडी टीचर मनीषा की मौत के मामले में सोमवार रात एक नया मोड़ आया। प्रशासन की ओर से गठित कमेटी और मनीषा के परिवार के बीच कई घंटे चली बैठक के बाद परिवार ने आखिरकार बेटी का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमति दे दी और धरना स्थगित करने का फैसला किया।
मीटिंग के बाद मृतका के पिता संजय ने कहा कि कमेटी ने समाज के हित में निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि बेटी का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा और प्रशासन का काम उन्हें संतोषजनक लगा। परिवार ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों के बावजूद कहा कि अब सब कुछ ठीक है और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
एसडीएम मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि मनीषा के शरीर में किसी भी प्रकार का ऐसा सबूत नहीं मिला जिससे रेप की पुष्टि हो सके। उन्होंने कहा कि सभी निष्कर्षों के बाद परिवार और कमेटी ने इस निष्कर्ष पर सहमति जताई कि मनीषा ने आत्महत्या की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पुलिस और प्रशासन पर अनावश्यक शक न करें और शांति बनाए रखें ताकि अंतिम संस्कार सही तरीके से किया जा सके।
कमेटी सदस्य रवि आजाद ने चार अहम बातें साझा कीं – मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया, समाज ने परिवार के साथ मजबूती दिखाई, निष्पक्ष जांच जरूरी है और धरना स्थगित कर जनता का सहयोग सराहा गया।
मनीषा के परिजन और ग्रामीण 14 अगस्त से डीगावा मंडी में धरने पर बैठे थे। सोमवार को भी उन्होंने दिल्ली-पिलानी हाईवे जाम किया, लेकिन पुलिस ने इसे जल्दी खुलवा दिया। पुलिस द्वारा सुसाइड नोट मिलने और मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद भी लोगों में रोष बना रहा। भिवानी के अलावा हिसार, जींद और रोहतक में भी कैंडल मार्च और रैली निकाली गई।
भिवानी के SP सुमित कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मनीषा के शरीर में कीटनाशक मिलने की पुष्टि हुई है। बॉडी से किसी तरह का सीमन नहीं मिला और चेहरे पर किसी भी तरह का केमिकल या एसिड का असर नहीं था। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग भी मनीषा की लिखावट से मेल खाती है।
सोमवार रात करीब 10 बजे प्रशासनिक अधिकारियों की टीम डीगावा मंडी पहुंची और परिजनों से बातचीत की। लंबी चर्चा के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गया। बैठक में एसडीएम, डीएसपी, सरपंच, किसान नेता और पिता सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
मनीषा के दादा रामकिशन ने घटना वाले दिन की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि मनीषा 11 अगस्त की सुबह स्कूल गई थी, लेकिन समय पर वापस नहीं आई। फोन कॉल भी काम नहीं आया और परिवार ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन शुरुआती तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने साफ किया कि यह हत्या है और पुलिस इसे आत्महत्या साबित करने में लगी थी।

