चंडीगढ़ कूच कर रहे किसान और पुलिस आमने-सामने, शंभू बॉर्डर पर हिरासत में लिए कई किसान

अंबाला बड़ी ख़बर हरियाणा

हरियाणा के किसानों ने बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे, एमएसपी गारंटी और केंद्र सरकार से 50 हजार करोड़ के विशेष पैकेज सहित अन्य मांगों को लेकर चंडीगढ़ कूच कर रहे हैं। कूच कर रहे किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच अंबाला के शंभू बॉर्डर पर स्थिति तनावपूर्ण बनती जा रही है। चंडीगढ़ जाने के लिए किसान और रोकने को लेकर पुलिस आमने-सामने हो गए हैं। किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। वहीं पुलिस ने बॉर्डर क्रॉस करने से पहले ही कई किसानों को हिरासत में ले लिया है, जिन्हें बसों के माध्यम से थाने भेजा गया है।

अंबाला-हिसार बाइपास पर मांगों को लेकर चंडीगढ़ कूच पर निकले किसानों और पुलिस के बीच झड़प होने के बाद किसानों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी की। ट्रैक्टर-ट्रालियों पर चंडीगढ़ की तरफ कूच कर रहे किसानों को पुलिस ने नाकाबंदी करते हुए शंभू टोल जाते समय हिरासत में ले लिया। बाढ़ में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों की ओर से चंडीगढ़ कूच का ऐलान किया गया था। पुलिस प्रशासन की ओर से अंबाला से चंडीगढ़ कूच करने वाले सभी बॉर्डर पर बेरिकेड्स लगाकर जवानों की तैनाती की गई है। जगह-जगह नाकों पर पुलिस बल तैनात दिखाई दे रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

Screenshot 58 1

आईजी शिबाज कविराज ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बाढ़ में हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर किसानों ने चंडीगढ़ कूच का ऐलान किया था। अंबाला से चंडीगढ़ तक के सभी बॉर्डर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां पूरी हैं और अंबाला के पास लगते सभी बॉर्डर पर पुलिस तैनात की गई है। पुलिस ने एक्शन लेते हुए कई किसानों को शंभू बॉर्डर से हिरासत में लिया है, ताकि माहौल को शांतिप्रिय रखा जा सके।

Whatsapp Channel Join

किसान नेताओं को पुलिस ने एक दिन पहले ही लिया हिरासत

किसानों के चंडीगढ़ कूच से एक दिन पहले ही पुलिस ने किसानों को पकड़ना शुरू कर दिया था। पुलिस ने अंबाला सहित कई जिलों से किसान नेताओं को एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। बता दें कि अंबाला से भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी के साथ-साथ कई अन्य किसान नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वहीं दूसरी तरफ किसानों ने प्रशासन को आंदोलन करने की चेतावनी दी है। जिसके लिए किसान शंभू बॉर्डर पर एक जुट होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर चंडीगढ़ की तरफ कूच कर थे। प्रशासन की ओर से किसानों को रोकने के लिए कड़े प्रबंध किए गए है और कुछ को आगे जाने से पहले ही रोक लिया गया है। उन्हें हिरासत में लेकर थाना भिवा यहां तक की किसानों को हिरासत में भी लिया गया।

99999

चढूनी ग्रुप की सरकार को चेतावनी

भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने सरकार को चेताते हुए मांग की है कि जिन किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया है, उन सभी को वापस छोड़ दिया जाए। अन्यथा एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा और इस आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की ही होगी। वहीं किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद अमरजीत सिंह मोहड़ी ने किसानों से एकता दिखाने की अपील की है। अमरजीत ने कहा है कि किसान खुद की अगुवाई करते हुए आंदोलन की लड़ाई लड़े। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखे को किसी भी प्रकार से अपने साथ शामिल न करें।

यह हैं किसानों की मांगें

प्रदर्शन कर रहे किसान खराब फसलों के मुआवजे के साथ अपनी कई मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। किसानों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसान राहत कोष के रूप में 50000 करोड़ रुपये की राशि जारी करे। इस मांग का कारण यह है कि किसानों को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है। उनकी फसलों की स्थिति काफी खराब हो गई हैं। साथ ही किसानों ने केरल की तर्ज पर एमएसपी कानून बनाने, मनरेगा योजना के तहत 200 दिन काम देने, एक वर्ष के लिए सभी ऋण व ब्याज माफ करने की मांग की है। बाढ़ में जान गवाने वालों के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने और खेतों में से रेत उठाने के लिए खनन की इजाजत दी जाए। इसके अलावा घग्गर योजना के तहत सभी नदियों का स्थायी समाधान करने, किसानों को 50000 रुपये प्रति एकड़ मआवजा दिया जाए। पशुओं की मृत्यु और बोरवेल खराब होने पर भी किसानों को मुआवजा दिया जाए।