Haryana के हिसार में आदमपुर विधानसभा से इनेलो नेता रणदीप लोहचब ने हरियाणा में नई राजधानी की मांग को लेकर एक बड़े आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने चंडीगढ़ को हरियाणा की राजधानी के रूप में अनुपयुक्त बताया, क्योंकि राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के लिए चंडीगढ़ तक पहुंचना समय-साध्य और खर्चीला है।
नई राजधानी की जरूरत पर जोर
रणदीप लोहचब ने कहा कि चंडीगढ़ से हरियाणा के अधिकतर क्षेत्रों की दूरी अधिक है। इसलिए राज्य के बीचों-बीच एक नए क्षेत्र को राजधानी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि हांसी, महम और बवानीखेड़ा को मिलाकर हरियाणा कैपिटल एरिया बनाया जा सकता है, जो राज्य के केंद्र में स्थित है।
आंदोलन की योजना
आंदोलन की शुरुआत 15 दिसंबर को हांसी के जाट धर्मशाला में एक बड़ी पंचायत से की जाएगी। इस पंचायत में हर वर्ग के लोग शामिल होंगे और यह आंदोलन किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं, बल्कि स्वाभिमान आंदोलन न्याय पक्ष के बैनर तले होगा। रणदीप ने बताया कि वे इनेलो नेता के तौर पर नहीं, बल्कि इस आंदोलन के संयोजक के रूप में यह मुहिम चलाएंगे।
नई राजधानी क्यों जरूरी?
दूरी की समस्या:
दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के कई हिस्से चंडीगढ़ से 500 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं। चंडीगढ़ आने-जाने में एक दिन से अधिक समय लगता है, और ठहरने व यात्रा का खर्च ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बोझ बनता है।
वित्तीय दृष्टि:
हरियाणा सरकार नई विधानसभा के निर्माण पर 600 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। रणदीप का तर्क है कि इस राशि का उपयोग चंडीगढ़ की बजाय नए क्षेत्र में किया जाए। सस्ती जमीन पर नई राजधानी बनाना अधिक फायदेमंद होगा।
क्षेत्रीय विकास:
नई राजधानी बनने से हिसार, जींद और भिवानी जैसे क्षेत्रों का विकास तेज होगा। एक विश्वस्तरीय आधुनिक सिटी का निर्माण किया जा सकता है, जो राज्य के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देगा। इससे क्षेत्र में टूरिज्म बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और खुशहाली आएगी।
रणनीतिक दृष्टिकोण
रणदीप लोहचब ने एक सूटकेस से नक्शा निकालकर दिखाते हुए यह स्पष्ट किया कि हरियाणा के बीचों-बीच नई राजधानी के निर्माण से राज्य के हर हिस्से को समान रूप से लाभ मिलेगा। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया।
आंदोलन का महत्व
यह आंदोलन चंडीगढ़ पर हरियाणा की निर्भरता कम करने और क्षेत्रीय संतुलन बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। रणदीप ने कहा कि अगर सरकार इस मांग को अनसुना करती है, तो इसे बड़ा जन आंदोलन बनाया जाएगा।





