जींद जिले की सीमा से लगते कैथल, पानीपत, फतेहाबाद, करनाल समेत कई जिलों में बाढ़ के बाद जींद जिला प्रशासन में हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले से गुजरने वाली सभी नहरों पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को 24 घंटे गश्त के आदेश दिए हैं और वहीं जिन क्षेत्र के लिए बाढ़ से निपटने का साजो-सामान नहीं है, उनके लिए मुख्यालय से किश्ती, लाइफ जैकेट समेत दूसरे संसाधनों की डिमांड भी की गई है।
प्रशासन का दावा है कि 24 घंटे में 150 एमएम बारिश होने की सूरत में भी जलभराव नहीं होने दिया जाएगा। जींद के डीसी डॉ. मनोज कुमार ने भी संवेदनशील और बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों का दौरा किया है। संबंधित ब्लॉक के एसडीएम भी हालातों पर नजर रखे हुए हैं।
बता दें कि इस समय जींद प्रशासन के पास जींद सब डिवीजन में 7 किश्ती, एक मोटर बोट और 10 लाइफ जैकेट हैं साथ ही 5 लाइफ ब्वॉय हैं।
सफीदों में प्रशासन के पास दो किश्ती और 25 लाइफ जैकेट हैं। इसी तरह नरवाना में प्रशासन के पास 10 लाइफ जैकेट, 4 लाइफ ब्वॉय और 2 मोटर बोट उपलब्ध हैं। जींद के डीसी डॉ मनोज कुमार ने उचाना, जुलाना और अलेवा ब्लॉक के लिए बाढ़ राहत की खातिर कुछ जरूरी साजो-सामान की प्रदेश के वित्त आयुक्त से डिमांड की है। इसमें तीनों ब्लाकों के लिए 2-2 किश्ती, 2-2 ओबीएम, 8-8 चप्पू और 100-100 लाइफ जैकेट की डिमांड की गई है।
जिले में 200 से ज्यादा स्थायी और अस्थायी तथा छोटे-बड़े पंप सेटो का इंतजाम कर दिया गया है। सभी पंप हाउस वर्किंग हालत में हैं। ड्रेनों की सफाई को खुद डीसी डॉ मनोज कुमार अपनी तरफ से परख चुके हैं और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को उन्होंने 24 घंटे जिले से गुजरने वाली नहरों और ड्रेनों पर गश्त लगाने के आदेश जारी किए हैं।
डीसी डॉ मनोज कुमार का कहना है कि जिले में 24 घंटे में 150 एम एम बारिश होने की सूरत में भी बाढ़ की स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ को लेकर जींद जिले का सबसे संवेदनशील ब्लॉक जुलाना है। जुलाना ब्लॉक में बाढ़ रोकथाम और नियंत्रण पर 150 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है। इस बार जुलाना में बाढ़ जैसे हालात पैदा नहीं होने दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन की पूरी मशीनरी 24 घंटे हाई अलर्ट पर है।

