पानीपत : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रमों का तत्वपूर्ण आगाज हुआ। जिसके पहले दिन विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के विभिन्न कालेजों के विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और 35 से अधिक क्रियाशील मॉडल्स को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल और कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र के कंप्यूटर साइंस विभाग के हेड एवं चेयरमैन प्रोफेसर अश्वनी कुश ने दीप प्रज्वलन के साथ की। 32 वर्ष के लम्बे अध्ययन और शोध अनुभव से युक्त प्रो. अश्वनी कुश अब तक 150 से अधिक शोध पत्र अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित कर चुके है। वे अमेरिका, इंग्लैंड, मलेशिया, कनाडा, सिंगापुर आदि देशों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके है। मुख्य अतिथि का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कार्यक्रम के संयोजक प्रो. राकेश कुमार सिंगला, प्रो. प्रवीण आर खेरडे और डॉ. मुकेश पुनिया ने किया।

27 से 29 फरवरी तक चलने वाले कार्यक्रम में पहले दिन विज्ञान प्रदर्शनी, दूसरे दिन पेपर रीडिंग एंड पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन और तीसरे दिन क्विज, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और डॉ सीवी रमन मेमोरियल विस्तार व्याख्यानों का आयोजन किया जाएगा। पुरस्कार वितरण समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। पंजीकरण का दायित्व डॉ. रेणु गुप्ता, डॉ. बिंदु, प्रो. हर्षिता, प्रो. मुक्त, प्रो. साक्षी, प्रो. सुमन और प्रो. दिव्या ने अदा किया। कार्यक्रम में एसडी कॉलेज पानीपत में प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्वागत समिति में डॉ. मुकेश पुनिया, प्रो. संजय चोपड़ा, प्रो. मयंक अरोड़ा, प्रो. पारस वर्मा और प्रो. मनीष शामिल रहे।

विभिन्न विषयों पर आधारित रहे मॉडल्स
विज्ञान प्रदर्शनी में कॉलेज के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों से आए क्रियाशील मॉडल्स को छात्र-छात्राओं के समक्ष रखा गया और उन्हें विस्तार से समझाया गया। प्रत्येक प्रतिभागी टीम में 3 विद्यार्थी शामिल थे और मॉडल्स भौतिकी, रसायन, गणित, प्राणी शास्त्र, वनस्पति शास्त्र, कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स विषयों पर आधारित रहे। विज्ञान प्रदर्शनी में प्रो. राकेश कुमार सिंगला, प्रो. प्रवीण आर खेरडे, डॉ. प्रियंका चांदना और प्रो. मयंक अरोड़ा ने जूरी की भूमिका निभाई।

जिज्ञासा की पूर्ति हेतु किए सवाल-जवाब
विज्ञान प्रदर्शनी में बायो-सीवेज वाटर ट्रीटमेंट, सोलर सिटी, स्मार्ट सिटी, सोलर इरीगेशन, बायो-डाईवर्सिटी, हाइड्रो पॉवर पॉइंट, हिमोडाईलेसीस, बायो फ्यूल एथेनॉल, मानसिक रोग और इनके निदान, रिमोट सेंसिंग, प्लास्टिक एंड वेस्ट डिस्पोजल, वाटर प्यूरीफायर, ई-वेस्ट, स्मार्ट बैग, हाइब्रिड ट्रक, होम ऑटोमेशन, गेट कण्ट्रोल, व्हीकल एक्सीडेंट अलर्ट, कंप्यूटर नेटवर्क, स्मार्ट पार्किंग, डाईहेड्रल ग्रुप, स्टार टोपोलॉजी, इंटीग्रेटेड फार्मिंग, एलेक्ट्रोलिसिस ऑफ़ वाटर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉज, अक्षय उर्जा, एन्थ्रोपोजेनिक इम्पैक्ट ऑफ बायोडाइवर्सिटी, वर्चुअल असिस्टेंट आदि विषयों पर क्रियाशील मॉडल्स रखे गए, जिन्हें छात्र-छात्राओं ने बड़े चाव और ध्यान से देखा एवं अपनी जिज्ञासा की पूर्ति हेतू सवाल-जवाब किए।

आज का युवा वैज्ञानिक सोच से लबरेज : दिनेश गोयल
दिनेश गोयल कॉलेज प्रधान ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को आयोजित करने का उद्देश्य उनमें विज्ञान के प्रति लगाव को पैदा करना और वैज्ञानिक सोच एवं शोध को बढ़ावा देना है। राष्ट्र के आम नागरिकों तक विज्ञान का संदेश भी तभी पहुंच पाएगा। वैज्ञानिक सोच के बढ़ने से ही हम जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक तथा वैज्ञानिक बन सकते है। आज के क्रियाशील मॉडल्स को देखकर उन्हें इस बात की खुशी हुई है कि आज का युवा वैज्ञानिक सोच और दृष्टिकोण से लबरेज है।

नई सोच के बढ़ावे से तैयार होते है वैज्ञानिक : डॉ. अनुपम अरोड़ा
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस तरह की विज्ञान प्रदर्शनियों और अन्य प्रतियोगिताओं को आयोजित करने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को विज्ञान के जागृत प्रति करना और उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को सबके सामने लाना है । नए प्रयोग नई सोच को बढ़ावा देते है जिससे ही जिम्मेदार नागरिक तथा वैज्ञानिक तैयार होते है । विज्ञान हर नए अनुसंधान के साथ मानव जीवन को अधिक सरल बनाता चला जा रहा है। आज विज्ञान के बढ़ते चहुंमुखी विकास के कारण मानव दुनिया के हर क्षेत्र में सबसे आगे है । मानव ने विज्ञान की सहायता से पृथ्वी पर उपलब्ध हर चीज को अपने काबू में कर लिया है । विज्ञान की सहायता से हम ऊंचे आसमान में उड़ सकते हैं और गहरे पानी में सांस ले सकते हैं।

ये रहे मौजूद
इस मौके पर स्टाफ सदस्यों में डॉ. मुकेश पुनिया, डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ. दीपिका अरोड़ा, डॉ. रेखा रानी, प्रो. प्रवीण कुमारी, प्रो. रजनी मित्तल, प्रो. नम्रता, प्रो. दिव्या, प्रो. इंदु पुनिया, डॉ. प्रोमिला, प्रो. मुक्ता, प्रो. कंवलजीत, प्रो. शिवी, प्रो. ऋतु, प्रो. भावना जिंदल, प्रो. मनीष कुमार, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला आदि सहित काफी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

