रोहतक : 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में हरियाणा सरकार के कर्मचारी भाजपा के लिए सिरदर्द बन सकते हैं, क्योंकि उनकी लंबित मांगों पर सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। 12 दिसंबर को करनाल में होने वाली सरकारी कर्मचारियों की ललकार रैली के लिए आज रोहतक में हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने रणनीति तैयार की। जिसके लिए एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ऐलान कर दिया गया कि अगर सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है, तो विधानसभा चुनाव में वोट की चोट से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यही नहीं इस रैली में बड़े आंदोलन का ऐलान भी हो सकता है।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान जोगेंद्र बल्हारा वह सचिव विजेंद्र गुलिया ने बताया कि 12 दिसंबर को करनाल में सरकारी कर्मचारियों की ललकार रैली होने जा रही है। क्योंकि काफी लंबे समय से उनकी लंबित मांगों पर सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। कई बार मुख्यमंत्री व विभिन्न विभागों के मंत्रियों से चर्चा हो चुकी है और हर बार सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। उनकी मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, एक्स ग्रेशिया स्कीम पूर्ण रूप से लागू करना, पुरानी पेंशन बहाली करना व रिक्त पड़े पदों पर नई भर्ती करना है।

अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो 12 दिसंबर को करनाल में बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया जाएगा। साथ ही कहा कि 2024 में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं और जिस तरह से कर्मचारियों में सरकार के प्रति विरोध है तो यह तय है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वोट की चोट से इसका जवाब दिया जाएगा।

