200 साल पुराना ब्रिटिश काल का ऐतिहासिक भाप से चलने वाला रोड रोलर अंबाला से Sonipat के संग्रहालय में लाया गया, अपनी अनोखी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण चर्चा का विषय बन गया है।

यह रोड रोलर लगभग 200 साल पुराना बताया जा रहा है और इसका वजन लगभग 10 टन है। जानकारी के अनुसार, इस प्रकार के रोलर देश में मात्र 4-5 ही हैं।

विशेषताएं और ऐतिहासिक महत्व
यह रोड रोलर भाप से चलने वाला और हाथ से संचालित है। इसकी पानी की टंकी में लगभग 50 लीटर पानी भरा जा सकता है। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए इसे सोनीपत संग्रहालय में स्थानांतरित किया गया।

मरम्मत में कठिनाई
इस रोड रोलर को ठीक करने का काम आईटीआई अधिकारियों को सौंपा गया था, लेकिन इसे फिर से चालू करने में अधिकारी असमर्थ रहे। इसके तकनीकी और यांत्रिक जटिलताओं के कारण इसे कार्यशील बनाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

शिफ्टिंग में लगी मेहनत
रोड रोलर को संग्रहालय तक पहुंचाने में काफी मेहनत करनी पड़ी। भारी-भरकम वजन और संरचना के कारण इसे स्थानांतरित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए।

यह रोलर अब संग्रहालय में प्रदर्शनी का हिस्सा बनेगा। राजेश कुमार ने बताया कि यह ऐतिहासिक रोड रोलर देश की तकनीकी प्रगति और ब्रिटिश युग की यादों को संजोने का काम करेगा।

