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Seat Sharing को लेकर AAP और Congress के बीच मतभेद, AAP ने कहा ‘इतंजार करते-करते थक गए’

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आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच दिल्ली समेत अन्य जगहों में गठबंधन को लेकर बातचीत के कुछ दौर हुए है। लेकिन अभी तक नतीजा कुछ नहीं निकला है। वहीं आप राज्यसभा सांसद और संगठन महामंत्री संदीप पाठक ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कहां कि हम बातचीत करते-करते थक गए है और अब नतीजे पर पहुंचने में देरी नहीं होनी चाहिए। पजांब में तो दल अलग-अलग चुनाव लड़ने का मन बना ही चुके है वहीं आप के गुरुवार के बयानों के बाद दिल्ली को लेकर भी कयास लगाए जा रहे है।

हालांकि आप नेता संदीप पाठक ने यह जरुर कहा कि हम आईएनडीआईए के एक जिम्मेदार और समझदार पार्टनर है। आप ने असम में तीन लोकसभा सीटों पर अफने उम्मीदवार घोषित करते हुए यह उम्मीद जताई है कि आईएनडीआईए इन सीटों पर आप को समर्थन देगी। पाठक ने बताया कि असम में डिब्रूगढ़ लोकसभी सीट से मनोज धनोवर, गुवाहीटी सीट से भाबेन चौधरी और सोनितपुर से सीट से ऋषि राज को उम्मीदवार बनाया गया है।

सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चा

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सूत्रों का कहना है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच दिल्ली के अलावा चंड़ीगढ़ और गुजरात की भरुच सीट पर गंभीरता से चर्चा हुई है दिल्ली में 4-3 के फॉर्म्युले पर बात हो रही है और इसके साथ चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर भी चर्चा हो रही है। आप नेता संदीप पाठक ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सीटों को लेकर आईएनडीआईए से बहुत दिनों से बातचीत चल रही है। बातचीत करते-करते महीनों हो गए हैं। हम अब थक गए हैं। हमें चुनाव लड़ना है बल्कि चुनाव जीतने के लिए लड़ना है। आपके पास समय नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर बातचीत चल रही है समय रहते उन पर फैसला हो जाना चाहिए।

चुनाव जीतने के लिए होता है गठबंधन

आप का कहना है कि जब गठबंधन में आते हैं तो आपका टारगेट चुनाव जीतना होता है। इसके लिए समय और रणनीति काफी महत्वपूर्ण है। आप नेता ने कहा कि हम पूरी ईमानदारी के साथ आईएनडीआईए के साथ हैं लेकिन पहला धर्म चुनाव जीतना है। और चुनाव जीतना जब अहम होता है तो फिर समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए आप समय को ऐसे जाने नहीं दे सकते। हम चाहते है कि समय रहते राज्यों के अंदर जिन सीटों पर बातचीत चल रही है उन सीटों पर अब निर्णय लिया जाए। वहीं जानकारों का कहना है कि आप ने कांग्रेस को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सीट शेयरिंग का मामला अब ज्यादा दिनों तक नहीं टाला जा सकता। कुछ न कुछ फैसला तो अब लेना ही होगा।