bhagavaan shiv

भगवान Shiv ने क्यों किया चंद्रदेव को अपने सिर पर धारण

भगवान Shiv जिन्हें भोलेनाथ और महादेव के नाम से भी जाना जाता है। वह हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक है। उनकी कृपा से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ऐसे भगवान हैं जिन्हें आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है और जब वह अपने […]

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Bhagwan Vishnu

Religion: अजा एकादशी का व्रत करने से होते हैं जीवन के सारे पाप नष्ट

Religion: हर साल कुल 24 एकादशी व्रत आते हैं। हर महीने दो एकादशी आती हैं। हर एकादशी का अलग-अलग महत्व शास्त्रों में वर्णित है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का भी विशेष महत्व है। जन्माष्टमी के बाद पड़ने वाली एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। अजा एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान […]

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अश्वत्थामा

क्या कलयुग में भी जिंदा है Mahabharat का अश्वत्थामा, रहस्य से भरी है ये कहानी

Mahabharat में अनेको श्रापो का वर्णन है, हर श्राप में कोई न कोई कारण छुपा था। कुछ श्रापों में संसार की भलाई निहित थी, तो कुछ के पीछे कथाओं की महत्वपूर्ण भूमिका थी। आप सभी ने Mahabharat तो जरूर देखी होगी। जिसके हर किरदार से हम सब वाकिफ है। उनमें से एक किरदार अश्वत्थामा का […]

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dussehra holidays

Vijayadasmi 2023 : दशहरा पर रावण दहन के लिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नीलकंठ दर्शन का महत्व

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को पूरे देश में दशहरे का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। सत्य की असत्य पर जीत के इस पर्व को विजयदशमी कहते है। इस दिन भगवान श्रीराम ने लंकाधिपति रावण का वध कर लंका पर विजय प्राप्त की थी। मान्यता यह भी है कि मां […]

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Ravana 1

Dussehra festival : Ravan की पुत्री थी सीता, दशानन के नहीं थे दस सिर, जानिए रावण से जुड़ी कुछ खास बातें

पौराणिक कथाओं में भले ही रावण को खलनायक के रूप में दर्शाया गया हो, लेकिन वो एक प्रकांड विद्वान भी था। कहा तो ये भी जाता है कि तीनों लोकों में रावण से विद्वान दूसरा कोई नहीं था। वो महान शिव भक्त, वेदों का ज्ञाता, ज्योतिष का प्रकांड विद्वान, तंत्र और मंत्र में भगवान शिव […]

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कब है जितिया व्रत, बच्‍चों की दीर्घायु के लिए मां रखती हैं ये व्रत, जानें महत्‍व और शुभ मुहूर्त

जितिया व्रत पितृपक्ष के बीच में पड़ता है। आश्विन मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को मां अपनी संतान की दीर्घायु के लिए य‍ह व्रत करती हैं। माताएं हर साल आश्विन मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि को बच्‍चों की सलामती के लिए निर्जला व्रत करती हैं। इसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। […]

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