Hisar शहर में बन रहे हवाई अड्डे पर विवाद उभरकर सामने आया है। जहां पर बीजेपी(BJP) अपनी सरकारी योजनाओं का विज्ञापन करना चाहती है, जबकि स्थानीय समिति ने इसे लेकर विरोध प्रकट किया है। हिसार संघर्ष समिति(Hisar Sangharsh Samiti) का कहना है कि अब तक इस एयरपोर्ट से कोई उड़ान(flight) नहीं भरी गई है, फिर भी बार-बार इसका उद्घाटन(Inauguration) क्यों किया जा रहा है?
समिति ने बताया कि एयरपोर्ट के पांच बार उद्घाटन किए जाने के बाद भी उसका कोई उपयोग नहीं हुआ है। उन्हें भ्रम यही है कि केंद्रीय सरकार ने इस पर 37.81 करोड़ रुपए खर्च कर यात्रियों की सुविधाओं के लिए विज्ञापन किया, लेकिन इसका असली उद्देश्य क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। विवाद में हिसार संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्हें यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि बिना हवाई यात्रा शुरू हुई, उन्होंने हवाई अड्डे का उद्घाटन क्यों किया है। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि लोगों के पैसों का दुरुपयोग कर एयरपोर्ट के नाम पर गलत व्यवहार किया जा रहा है।

मामले में हिसार के लोग भी समिति के साथ हैं। उनका भी यह सवाल है कि इतने करोड़ रुपए के खर्चे का उद्देश्य क्या है, जबकि एयरपोर्ट का उपयोग तक नहीं हुआ है। वे 14 जून को जिला प्रशासन से उन यात्रियों के बारे में जानकारी मांगेंगे, जिन पर यह बड़ा रकम खर्च हुई है।

20 जून को सीएम का विरोध करेगी समिति
समिति ने घोषणा की है कि 20 जून को जब मुख्यमंत्री नायब सैनी हिसार आएंगे और एयरपोर्ट का उद्घाटन करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें भी इसका विरोध करेंगे। वे इस मामले में समीक्षा करने और उत्तर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने की भी मांग करेंगे।

सरकारी खर्चों के बारे में हो स्पष्टीकरण
समिति ने यह भी कहा है कि अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार के उद्घाटन किए जाते हैं, जो कि व्यापक जनता को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल होते हैं। मामले में हिसार संघर्ष समिति ने उचित उत्तरदाताओं से सवाल पूछने का आह्वान किया है, जिससे लोगों को सही जानकारी मिले और सरकारी खर्चों के बारे में स्पष्टीकरण हो सके।








