Lok Sabha संसद का बजट सत्र 22 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण(Finance Minister Nirmala Sitharaman) 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस सत्र को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने दी है।
इस बजट में इनकम टैक्स में कोई खास राहत नहीं मिली है। पुरानी टैक्स प्रणाली के तहत 2.5 लाख रुपए तक की कमाई टैक्स फ्री रहेगी। सेक्शन 87A के तहत 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स बच सकता है। नई टैक्स प्रणाली में 3 लाख रुपए तक की कमाई टैक्स फ्री है। इसमें सैलरीड व्यक्ति ₹7.5 लाख तक और बाकी लोग ₹7 लाख तक की कमाई पर छूट ले सकते हैं। महिलाओं के लिए उम्मीद से कम घोषणाएं हुई हैं। सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का है। 9-14 साल की बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर रोकने के लिए फ्री टीका लगाया जाएगा। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा।

फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का दायरा नहीं बढ़ाया गया है। किसान सम्मान निधि में भी कोई इजाफा नहीं हुआ है। सरकार ने कृषि क्षेत्र को ₹1.27 लाख करोड़ दिए हैं, जो पिछली बार के मुकाबले केवल 2% ज्यादा है। पिछली बार कृषि बजट में 1.25 लाख करोड़ मिले थे।
1 लाख करोड़ के कॉर्पस फंड का ऐलान
शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है, हालांकि 1 लाख करोड़ के कॉर्पस फंड का ऐलान किया गया है। इससे 50 साल तक की अवधि के लिए ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा। डिफेंस खर्च के लिए 6.2 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं। यह पिछले साल से केवल 0.27 लाख करोड़ यानी 3.4% ज्यादा है। हालांकि अंतरिम बजट में सबसे बड़ा हिस्सा डिफेंस का ही है, इसे कुल बजट का 8% मिला है। सरकार डीप-टेक टेक्नोलॉजी को मजबूत करेगी, ताकि देश हथियारों के लिए आत्मनिर्भर बने।

3 और रेलवे कॉरिडोर बनाए जाएंगे
मेट्रो और नमो भारत जैसे प्रोजेक्ट्स बढ़ाए जाएंगे। देश में रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के अलावा 3 और रेलवे कॉरिडोर बनाए जाएंगे। साथ ही 40 हजार रेल कोचेस को वंदे भारत स्टैंडर्ड का बनाया जाएगा। कोयले से गैस बनाने की क्षमता 2030 तक 100 मीट्रिक टन की जाएगी, ताकि नेचुरल गैस, मेथेनॉल और अमोनिया के इम्पोर्ट का खर्च घटे। वित्त मंत्री ने G-20 समिट के दौरान घोषित इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर को भारत और दुनिया के लिए गेमचेंजर बताया। हालांकि इसकी प्रगति के बारे में कुछ नहीं कहा।
