फरीदाबाद: शहरी विकास सलाहकार डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय के सभागार कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जेवर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ-साथ एफएनजी (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) सड़क परियोजना पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में उपायुक्त विक्रम सिंह और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
एफएनजी परियोजना से मिलेगा जाम से छुटकारा
बैठक में डी.एस. ढेसी ने बताया कि एफएनजी परियोजना का उद्देश्य फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम को सीधी सड़क से जोड़ना है। इससे गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद आना-जाना सरल और तेज़ हो जाएगा। वर्तमान में, फरीदाबाद से नोएडा जाने के लिए यात्रियों को दिल्ली के कालिंदी कुंज से होकर जाना पड़ता है, जहां अक्सर भारी ट्रैफिक जाम रहता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए हरियाणा सरकार ने यमुना नदी पर नए पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
हरियाणा और यूपी में बराबर हिस्से का निर्माण
ढेसी ने जानकारी दी कि एफएनजी एक्सप्रेसवे का लगभग 10 किमी हिस्सा हरियाणा में और इतना ही यूपी में होगा। इस सड़क के पूरा होने से यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा सुगम हो जाएगी। बैठक में एफएमडीए सीईओ श्यामल मिश्रा, डीसी विक्रम सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस योजना पर विस्तृत चर्चा की।
ट्रैफिक सर्वे और मोबिलिटी प्लान की जरूरत
शहरी विकास सलाहकार ने कहा कि एफएनजी परियोजना की व्यवहारिकता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक ट्रैफिक सर्वे और फरीदाबाद मोबिलिटी प्लान की स्टडी आवश्यक है। इसके अलावा, एनसीआर कमेटी की इस परियोजना को लेकर की गई टिप्पणी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोएडा जाने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एक्सप्रेसवे के उपयोग की संभावना भी जांची जाए।
परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि डेटा स्टडी को और मजबूत किया जाए और क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जेवर एयरपोर्ट से यमुना और यमुना से केजीपी तक चल रहे कार्यों को समय पर पूरा किया जाए। इसके साथ ही, छांयसा से फरीदाबाद तक की सड़क के सुधार पर भी ध्यान दिया जाए।
इस समीक्षा बैठक में एफएमडीए, बीएंडआर, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस परियोजना के सुचारू संचालन और तीव्र क्रियान्वयन पर जोर दिया।