ROAD ACIDENT

Panipat : पिता से मिलने दुकान जा रहे इंजीनियर की हादसे में मौत, 1 घंटा पहले गुरुग्राम से था लौटा

पानीपत हरियाणा

हरियाणा के पानीपत शहर में सेक्टर 11-12 में स्थित साईं बाबा चौक के पास एक बाइक चालक सामने से आ रही बाइक को देखकर अचानक संतुलन खो बैठा। जिससे वह फिसल कर नीचे गिर गया। वहीं, सामने से बाइक सवार भी अपना संतुलन खो बैठे और वे भी फिसल गए। जिससे पहली बाइक सवार युवक को दूसरी बाइक की कोई नुकीली चीज गर्दन पर लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

मृतक गुरुग्राम में बनी एक कंपनी में इंजीनियर था और एक घंटे पहले ही पानीपत अपने घर आया था। घर से महज 300 मीटर दूर वह दुकान पर अपने पिता से मिलने जा रहा था। हादसे के बाद दूसरी बाइक पर सवार दो लोग फरार हो गए। थाना चांदनी बाग पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

गर्दन में लगी नुकीली चीज

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मृतक के पिता राम प्रकाश ने बताया कि उनका एक लड़का और लड़की है। बेटा अमन (24) गुरुग्राम की एक कंपनी में इंजीनियर था। वह कल सुबह करीब 11 बजे ही घर लौटा था। करीब एक घंटे आराम करने के बाद दुकान पर उनसे मिलने आ रहा था।

तभी रास्ते में साई बाबा चौक के पास मोटरसाइकिल फिसल कर गिर गई। सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से धड़ टकराया तो गर्दन में कट लग गया। गहरा घाव होने पर गर्दन से खून बहने लगा। राहगीरों ने उसको तुरंत नजदीक के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। उसको 30 मिनट में बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित एक अन्य अस्पताल में लेकर पहुंच गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई।

डिस्क ब्रेक लगाने के कारण बाइक हुई अनियंत्रित

अमन अपनी पल्सर मोटरसाइकिल पर था। सामने से रॉन्ग साइड में आ रही मोटरसाइकिल को देख इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश की। अगली डिस्क ब्रेक लगाने के कारण मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। तभी अमन सामने से आ रही मोटरसाइकिल से जा टकराया। मोटरसाइकिल सवार दोनों लोग नीचे गिर गए, लेकिन अमन को घायल देख तुरंत मोटरसाइकिल उठाकर फरार हो गए।

मां और बहन का रो-रो कर बुरा हाल

घटना की सूचना अमन के घर पहुंची तो चीख पुकार मच गई। 28 साल की बड़ी बहन ने रोते हुए कहा कि अभी तो भाई अमन पिता के पास कन्फेक्शनरी की दुकान पर जाने के लिए घर से निकला था। महज तीन मिनट के सफर में आखिर कैसे उसकी मौत हो सकती है। इकलौते बेटे की मौत होने से मां बार-बार बेहोश हो रही है। जिस घर में जल्द ही खुशियां मनाने के दिन आने वाले थे, वहां अब मातम छाया हुआ है।